लेखनी कहानी -06-Oct-2022महापुरुषों- महानायकों को नमन भाग १ अटल अटल बिहारी वाजपेई२- सीडीएस विपिन रावत

वी.वी.गिरि
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वराह गिरि वेंकट गिरि था वी.वी.गिरि का पूरा नाम,
दस अगस्त अटठारह सौ चौरानवे प्रकटे ब्रह्मपुर धाम।
ओडिशा ब्रह्मपुर रहते मात पिता जोगि आह पंतुलु औ सुभ्द्राम्मा,
रहे आसीन कई पदों पर किया था शिक्षाविद नेतृत्व का काम।

प्रथम मध्य की शिक्षा गृहनगर में ले, गये "डबलिन यूनिवर्सिटी",
मिले गांधी से हुए प्रभावित फिर कूद पड़े आजादी की भट्ठी।
उन्नीस सौ सोलह में आयरलैंड के "सिन फाईन आन्दोलन"में कूदे,
कालेज से निष्कासित किए गए कानून शिक्षण से हुई छुट्टी।

ये आयरलैंड की आजादी और श्रमिक जनों का था आन्दोलन,
देख प्रभाव में हो गये सक्रिय किए भारत में श्रमिक आंदोलन।
हुए राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय श्रमिक संगठन के महासचिव बने,
एन.एम.जोशी के बने विश्वासपात्र और पहुंचे ट्रेड यूनियन आंदोलन।

पहले "गोलमेज सम्मेलन" फिर "लेजिस्लेटिव असेम्बली",
कांग्रेस उम्मीदवारी शुरू राजनीति सफर श्रममंत्री  मद्रास प्रेसीडेंसी।
स्वतंत्रता प्राप्ति बाद "गिरि" को भेजा उच्च आयुक्त पद पर सीलोन,
कार्य पूर्णकर भारत लौटे फिर जीती लोकसभा की सीट।

उन्नीस सौ सरसठ से सत्तावन तक कई जगह राज्यपाल रहे,
इंडियन कांग्रेस सोशल के अध्यक्ष पद उपरांत उपराष्ट्रपति बनें।
कार्यवाहक राष्ट्रपति चुने भारत के जाकिर हुसैन के निधन पर,
चौहत्तर में मामूली विरोध पर भारत के चौथे राष्ट्रपति चुने।

लग्न देश सेवा की थी भाषण कौशल में निपुण और लेखक भी,
लिखी लेबर प्राब्लम इन इंडियन इंडस्ट्री व इंडस्ट्रियल रिलेशन भी।
१९७५ में मिला भारत रत्न उनके योगदान और उपलब्धियों को,
याद करेगी"अलका"थे मुखर कार्यकर्ता अधिकारों के संरक्षक भी।

"अलका गुप्ता" प्रियदर्शिनी
लखनऊ उत्तर प्रदेश।
स्व रचित
@सर्रवाधिकार सुरक्षित।

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12 Comments

RISHITA

20-Jan-2025 05:27 AM

👌👌👌

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बहुत ही सुंदर सृजन

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Suryansh

14-Oct-2022 04:58 PM

बेहतरीन

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